ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ,बुध एक अत्यंत शांत ग्रह है। यह मिथुन राशि और कन्या राशि का स्वामी होता है। भ्रमण काल के दौरान जब बुध कन्या राशि में आता है, तो उच्च का कहा जाता है। कन्या राशि 16 से 20 अंश तक यह मूल त्रिकोण में माना जाता है।
-मेष राशि: इस राशि के जातकों के लिए बुध उनके छठे भाव में रहेगा। बीमारियां समाप्त हो जाएंगी। पराक्रम में वृद्धि वृद्धि होगी। कचहरी के कार्यों में असफलता हो सकती है।
-कन्या राशि: आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परंतु जीवन साथी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। अगर वह फेफड़े या गले के रोग से पीडि़त हैं तो यह बढ़ सकता है। क्रोध पर नियंत्रण रखें।
-मकर राशि: इस अवधि में आपका भाग्य आपका बहुत अच्छा साथ देगा। शत्रुओं की संख्या में वृद्धि हो सकती है।