
दिन गुजरे तो हेमा की मुलाकात एक वरिष्ठ अभियंता से हुई। इसके बाद तो हेमा व उसके पिता के दिन बहुरना शुरू हो गए। देखते ही देखते रामस्वरूप साधारण से एक संपन्न किसान बन गए। भोपाल,रायसेन,विदिशा में कई एकड़ जमीन, हार्वेस्टर,धान बुवाई मशीन, ट्रैक्टर व खेती में काम आने वाले कई महंगी मशीन्स,उपकरणों के वह मालिक हो गए।
इधर,बेटी का रसूख भी कुछ कम नहीं रहा। राजधानी से महज 19 किमी.दूर बिलखिरिया में एक बड़ा सा फॉर्म हाउस,करीब बीस हजार वर्ग फीट में आलीशान बंगला,थार जीप सहित 20 लग्जरी कारें,बंगले में 30 लाख रुपए का एलईडी टीवी,फार्म हाउस में जैमर लगा हुआ ताकि इसमें काम करने वाले मोबाइल फोन पर बात न कर सकें,उन्हें संदेश वॉकी-टॉकी दिए गए।
