अच्छी बात ये है कि शनिदेव अपनी मूल त्रिकोण राशि में गोचर कर रहे हैं। इस दौरान वे अपना पूर्ण फल देने में समर्थ होंगे।
आपकी राशि में शनि का गोचर ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है।
17 जनवरी के बाद, इस राशि वालों पर चली आ रही शनि की ढैय्या खत्म हो जाएगी।
कन्या राशि के जातकों के लिए शनि पांचवें और छठे भाव के स्वामी होते हैं। शनि आपके छठे भाव में गोचर कर रहे हैं।
शनि का गोचर आपकी राशि के पांचवें भाव में गोचर करेंगे। शनिदेव का गोचर आपके लिए लाभदायक होनेवाला है।
शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही आपकी शनि की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी।
शनि का गोचर आपके लग्न यानी पहले भाव में होने जा रहा है। आपके ऊपर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण शूरू होगा।
आपकी राशि के 12वें भाव में शनि का गोचर हो रहा है। आपके खर्चे बढ़ेंगे और इस पर नियंत्रण रखने की जरुरत है।