“आहार प्रत्येक प्राणी के जीवन की अनिवार्य जरूरत है। यह दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा है और शरीर की अनिवार्य जरूरत भी। उतने ही जरूरी हैं हमारे संस्कार। फिर वह खानपान का तौर-तरीका हो या उठने-बैठने का। प्रत्येक माता-पिता अपने बच्चों को इन संस्कारों की शिक्षा भी देते हैं। इन्हीं में एक है,भोजन करने की दिशा।”

वास्तु शास्त्र में दिशा का बहुत महत्व बताया गया है। हर काम को करने के तौर तरीके होते हैं। उसे सलीके से किया जाए तो वही काम निखर कर आता है। ऐसा ही भोजन सेवन का मामला है। भारतीय पुरातन संस्कृति में भोजन जमीन पर बैठकर व पालती लगाकर किया जाता रहा है।
समाज ने पश्चिम के तौर-तरीके अपनाए तो डाइनिंग टेबल,कांटे,छुरी चम्मच का सहारा लिया जाने लगा। सामूहिक भोज के दौरान पंगत की जगह बुफे सिस्टम ने ले ली। बहरहाल,सबके अपने.अपने फायदे,तरीके व तर्क हैं। लेकिन इनमें एक अहम यह कि भोजन बैठकर करें या खड़े होकर करें। घर में करें,किसी समारोह में या होटल में..आहार लेते समय यदि दिशा का ध्यान रखेंगे तो न केवल भोजन का आनंद दूना होगा बल्कि यह जीवन के लिए भी फायदेमंद होगा।
वास्तु शास्त्र भी यही कहता है। इस शास्त्र में भोजन बनाने से लेकर परोसने और खाने तक कई नियम बनाए गए हैं। इन्हें ध्यान में रखकर ही खाना बनाना और खाना चाहिए। लेकिन हम अक्सर ऐसे नियमों को अनदेखा कर देते हैं। जिंदगी की भागम-भाग में लोग जल्दी-जल्दी में खाना खाते हैं,जो उचित नहीं है। शास्त्रों में खाना खाने से जुड़े विशेष नियम बताए गए हैं। आइए जानते हैं भोजन से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
धन लाभ के विभिन्न उपाय
वास्तु एक ऐसा शास्त्र है जिसमें व्यक्ति के मान-सम्मान,सफलता, धन लाभ के विभिन्न उपाय बताए गए हैं। जिनका पालन करके व्यक्ति हर एक चीज को पा सकते हैं। ऐसे ही वास्तु शास्त्र में खाने को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं।
इन नियमों के अनुसार, अगर व्यक्ति सही दिशा में मुख करके भोजन करें, तो उसका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। इसके साथ ही आयु में वृद्धि होगी। जानिए वास्तु शास्त्र के अनुसार, किस दिशा की ओर मुख करके भोजन करना होगा शुभ।
खाना खाने की दिशा
-वास्तु शास्त्र के अनुसार पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में मुख करके भोजन करना सबसे उत्तम माना जाता है। यदि आप पूर्व दिशा की ओर मुंह करके खाना खाते हैं तो ये मानसिक तनाव को दूर करने के लिए बहुत फायदेमंद होता है। साथ ही आप बीमारियों से दूर रहेंगे। स्वस्थ जीवन बड़ी नियामत है।
– विद्यार्थियों के लिए भी उत्तर.पूर्व दिशा में मुख करके भोजन करने से उनमें नई ऊर्जा का संचार होता है और बुद्धि कुशाग्र होती है।
-अगर आपको पाचन की समस्या है तो ऐसा माना जाता है कि अगर आप पूर्व या उत्तर-पूर्व की ओर मुंह करके भोजन करते हैं तो इससे आपका भोजन पेट में अच्छे से पचता है।
..वास्तु के अनुसार इस दिशा में करें भोजन
धन लाभ के लिए
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को अधिकतर पैसों की तंगा का सामना करना पड़ रहा है, तो वह हमेशा उत्तर दिशा की ओर मुख करके भोजन करें। ऐसा करने से सुख-समृद्धि और धन संपदा की प्राप्ति होगी।
नकारात्मक ऊर्जा से बचने
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन करने की मनाही होती है। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी इस दिशा को सही नहीं माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा आती है।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए
अगर किसी व्यक्ति की या परिवार में किसी का स्वास्थ्य हमेशा खराब रहता है, तो पश्चिम दिशा की ओर मुख करके भोजन करना लाभकारी साबित होगा।
भोजन करते समय इन बातों का भी रखें ध्यान
-भोजन करते समय पानी के गिलास को हमेशा थाली के दाएं तरफ रखें। ऐसा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। जीवन खुशहाल बना रहता है।
-भोजन के बाद कभी भी थाली में हाथ नहीं धोना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से घर में दरिद्रता आती है और सुख-समृद्धि चली जाती है।
-कभी भी भोजन जूठी थाली में नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा नाराज हो जाती हैं।
-भोजन की थाली से पहला निवाला निकाल कर अलग रख देना चाहिए। खाना-खाने के बाद यह निवाला चींटियों व पशु-पक्षियों को खिला दें। ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है।
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