CornTea: भुट्टों के रेशे से बनी चाय कर सकती है कई बीमारियों से बचाव,है रामबाण औषधि

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 “आमतौर पर लोग मक्का भुट्टों का सेवन कर उनके रेशों को कूडे में फेंक देते हैं,लेकिन भुट्टों के रेशे से बनी चाय या काढा कई बीमारियों के लिए एक रामबाण औषधि है। जो मधुमेह,मोटापा कम करने,हाई ब्लड प्रेशर की रोकथाम,किडनी में पथरी की बीमारी को दूर करने,मूत्र मार्ग में होने वाले संक्रमण को रोकने आदि में सहायक है। इन रेशों का उबाल कर चाय या काढ़े की तरह पिया जा सकता है।”                    ** ज्योति अवस्थी

CornTea मक्के के भुट्टों का रेशों को और कोई क्या मैं स्वयं भी अब तक नजर अंदाज कर कूड़े में फेंकती रही या जानवरों को खिलाती रही। पहली बार पता चला कि भुटृे की मक्का सिर्फ स्वाद या पाचन के लिहाज से मुफीद है,लेकिन इसके बाल यानी रेशे तो किडनी,हाई ब्लड प्रेशर,मूत्र मार्ग में होने वाली बीमारियां,मोटापा,कोलेस्ट्रॉल कम करने जैसी अनेक बीमारियों में रामबाण औषधि की तरह है।

बहरहाल,जब पता चला ,तब सही। सोचा इसे आप से भी शेयर करूं। इसके सेवन से कोई साइड इफेक्ट या नुकसान तो है नहीं,फायदा मिल जाए या बीमारी से बचाव ही हो जाए तो इसमें बुराई क्या? अब भुट्टे गर्मियों में तो मिलने से रहे,लेकिन सूखे भुट्टों के रेशे भी मिल जाएं तो ये भी उतने ही कारगर हैं,जितने ताजा भुट्टों के।

मक्का अब साल भर बोई जाने वाली फसल बन गई है।बाजार में अमेरिकन व दूसरे नाम से भी भुट्टे इस सीजन में भी मिल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक मक्का उत्पादक किसान भुट्टों को खरीफ सीजन तक रखते हैं। ताजा भुट्टा नहीं मिलने पर इनका उपयोग भी किया जा सकता है। यह पता चलने से इस बात का टेंशन तो खत्म हुआ कि गर्मियों में भुट्टे मिलेंगे कहां?

आप चाहें तो सीजन में इन रेशों को सुखाकर भी रख सकते हैं। बस ध्यान रहे इन्हें धूप में न सुखाएं।सूखने से इनके पोषक तत्व कम नहीं होते।आप सोच रहे होंगे कि इतना कुछ बता दिया लेकिन रेशों का उपयोग करना कैसें है यह तो बताया नहीं,जो आइए जानते हैं कैसे करें इनका उपयोग—-

बनाने की विधि
भुट्टों के रेशों को उबाल कर सेवन करना है। इन्हें आप चाय की तरह उबाल कर या काढ़ा बना कर सेवन कर सकते हैं। सबसे पहले आप एक बड़ा गिलास पानी लें और उसे चाय के बर्तन में डाल दें। अब पानी में करीब 10 ग्राम तक भुट्टे के बाल डालें।

 इन्हें तब तक उबलने दें, जब तक पानी आधा न रह जाए। जब पानी आधा रह जाए तो आप इसे छान लें और इसमें कुछ बूंद शहद या सेंधा नमक डालकर इसे गर्म-गर्म पियें।

इसका स्वाद बढ़ने के लिए इसमें नींबू, नमक या हल्की सी चीनी डाल सकते हैं। आप इस पेय का सेवन महीने में एक बार या दो बार कर सकते हैं।

भुट्टों के रेशे से बनी चाय या काढ़ा पीने के फायदे
भुट्टे के बालों में निम्नलिखित पौषक तत्व पाए जाते हैं – विटामिन ए / विटामिन बी 2/ विटामिन सी/विटामिन ई/ विटामिन के /आयरन/फाइबर/कैल्शियम/पोटेशियम /मिनरल्स ।

मोटापा करे कम

अधिक मोटापा बीमारियों का घर है। भुट्टे के बालों से बनी चाय का सेवन करने से शरीर में वॉटर रिटेंशन और विषाक्त पदार्थों की मात्रा कम होने लगती है। इसके अलावा इसमें मौजूद फाइबर पेट में जमा वसा को कम करते हैं। इससे शरीर का वजन घटाने में भी मदद मिलती है।

किडनी की करे सफाई
भुट्टों से बनी चाय के सेवन से किडनी की सफाई काफी अच्छे से होती है। फर्क इतना कि इसका सेवन करने के बाद सामान्य से ज्यादा पेशाब आ सकता है, जोकि सामान्य बात है। इसका सेवन करने के दौरान अधिक मीठा, डिब्बाबंद खाना, मांसाहार, शराब आदि का सेवन करने सेन बचें।

डायबिटीज से दिलाए राहत

मधुमेह यानी डायबिटीज की पीड़ा वही समझ सकता है जो इससे ग्रसित है। भुट्टे के रेशों में इन्सुलिन को एक्टिव करने की ताकत होती है. जिससे कमजोर हो चुके इन्सुलिन ठीक से काम करने लगते हैं और फिर शुगर लेवल काबू में आने लगता है। इस तरह ,भुट्टे के रेशों से बनी चाय मधुमेह को नियंत्रित करने में भी कारगर है।

हाई ब्लड प्रेशर को करे काबू

मधुमेह की ही तरह उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर भी गंभीर रोग है। अगर आप सप्ताह में दो बार भुट्टे के बालों से बनी चाय का सेवन करते हैं तो इससे आपके हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में काफी राहत मिल सकती है।
दरअसल, जब आप इस चाय या काढ़े का सेवन करते हैं तो इससे आपको सामान्य से ज्यादा पेशाब आता है और इसकी वजह से ब्लड में मौजूद सोडियम और अन्य अपशिष्ट उत्पाद जिनकी वजह से ब्लड प्रेशर हाई होने की समस्या हो सकती है . वह सब पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकल जाते हैं, नतीजतन ब्लड प्रेशर काबू में आने लगता है।

किडनी की पथरी से दिलाए राहत
किडनी में पथरी होने पर इससे होने वाला दर्द इस समस्या को काफी गंभीर बनाता है। जब किडनी में छोटे क्रिस्टलाइज्ड के जमा होने लग जाते हैं . तब किडनी में पथरी बन जाती है, जो दर्द और परेशानियों का कारण बन सकते हैं। किडनी में पथरी को रोकने के लिए प्राचीन दिनों से भुट्टे के बाल का उपयोग किया जाता है।

भुट्टे के बालों से बनी चाय के सेवन से आपकी किडनी में जमा हुए टॉक्सिन्स और नाइट्रेट निकल जाते हैं, जिससे किडनी में पथरी बनने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा भुट्टे के बाल के उपयोग से मूत्र प्रवाह में वृद्धि हो सकती है।

सूजन में दिलाएं राहत
भुट्टे को विरोधी भड़काऊ एजेंट (anti-inflammatory)गुणों के लिए जाना जाता है। पारंपरिक चिकित्सा अनुयायियों का मानना है कि इसका उपयोग gout और arthritis जैसे सूजन संबंधी बीमारियों के कारण होने वाले दर्द को कम करने के लिए किया जा सकता है। कॉर्न सिल्‍क का मूत्रवर्धक गुण शरीर के जोड़ों में अतिरिक्त यूरिक एसिड गठन को रोकता है।

मूत्र पथ संक्रमण करे दूर
अगर आप लगातार काफी लंबे समय से मूत्र पथ संक्रमण (Urinary tract infection) या पेशाब से जुड़ी किसी भी समस्या से जूझ रहे हैं, तो आप इससे छुटकारा पाने के लिए भुट्टे के बालों से बनी चाय का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपको काफी राहत मिलेगी।

दरअसल ,भुट्टे के रेशे एंटी इंफ्लेमेटरी गुण एजेंट (anti-inflammatory agent) की भांति काम करते है। यह रेशे मूत्र पथ अस्तर (urinary tract lining) को करने का काम करते हैं और पेशाब में समस्या के कारण होने वाली जलन से राहत दिलाने में मदद करते है।

अगर आप भुट्टे के बालों की बनी चाय का सेवन करते हैं तो आपके ब्‍लैडर और urinary tract की सूजन को शांत करने में सहायता मिलती है। इससे पेशाब ज्‍यादा मात्रा में आता है जिससे यूरीन ट्रेक्‍ट में बैक्‍टी‍रिया के निर्माण के जोखिम को कम करता है। मूत्र विकार होने के कारण किडनी खराब होने का खतरा बना रहता है।

ये सावधनियां बरतना भी जरूरी
1 -भुट्टे के रेशों से बनी चाय कोई साधारण चाय या शर्बत नहीं है, बल्कि यह एक दवा है तो इसका प्रयोग इसी रूप में करें।
2 .इसका सेवन करने से गर्भाशय उत्तेजित होने लगता है जिसके कारण गर्भपात होने की आशंका बढ़ जाती है।अतः गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
3 . अगर आप अपने शिशु को स्तनपान करवाती हैं तो आपको इसके सेवन से पहले अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। क्योंकि इसकी वजह से स्तन में दूध बनने की मात्रा कम हो सकती है और बच्चे को सर्दी जुकाम की समस्या भी हो सकती है।
4 . इसका सेवन करने के बाद आपको सामान्य से ज्यादा पेशाब आ सकता है, जो कि सामान्य बात है। शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए आप सही मात्रा में पानी पीते रहें।

5 यह काढ़ा आपके शरीर को अंदर से साफ़ करता है, इसलिए जरूरी है कि आप इसके सेवन के दौरान सात्विक रहें। अधिक मीठा न लें, डिब्बाबंद खाना, मांसाहार, शराब आदि का सेवन न करें।

डिसक्लेमरः भुट्टों के रेशों से बनी चाय या काढा नामक यह औषधि आयुर्वेद के विषय-विशेषज्ञों से मिली जानकारी पर आधारित है। इसके सेवन से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श कर लेना उचित होगा। इसे केवल सूचना ही समझा जाए। बताई गई सावधानियों को छोड़ इसके सेवन से वैसे तो कोई नुकसान नहीं।बावजूद इसके किसी प्रकार की असुविधा एवं असावधानीवश होने वाले नुकसान के लिए यह वेबसाइट उत्तरदायी नहीं होगी।

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