भोपाल // स्लीप एपनिया एक गंभीर स्लीप डिसऑर्डर (Sleep Disorder) है। इसमें नींद में इंसान की सांस रुक जाती है| यदि समय रहते इसका इलाज नहीं कराया जाए तो इंसान की जान भी जा सकती है।
इस बीमारी से भारत के प्रसिद्ध संगीतकार बप्पी लहड़ी के अलावा अमेरिका के दो भूतपूर्व राष्टपति विलियम हार्वर्ड टैट व कैरी फिशर जैसी बड़ी हस्तियों की मौत भी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार स्लीप एपिनया वैश्विक स्रत पर ~1 अरब व्यक्ति को प्रभावित करता है।
भारत में, तकरीबन 25% वयस्क पुरुष ऑसिटव स्लीप एपनिया की समस्या से जूझ रहे हैं।
स्लीप एपनिया की वजह से डायिबटीज, हृदय रोग, हार्ट फेल्योर, हाइपरटेंशन (हाई
ब्लड प्रेशर),मोटापा और स्ट्रोक जैसी समस्या की संभावना बढ़ जाती है।
क्या है इसका उपचार
एम्स भोपाल के स्लीप स्पेशलिस्ट डॉ.अभिषेक गोयल बताते हैं कि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया गले की मांसपेशियों द्वारा सांस की नली को लॉक करने की वजह से होता हैै। जिसके कारण सोते समय खर्राटे आने और सांस लेने में तकलीफ के लक्षण दिखाई देते हैं। यदि ये बीमारी गंभीर स्तर तक पहुंच जाती है तो ऐसा एक रात में सैकड़ों बार हो सकता है।इससे शरीर के महवपूर्ण अंग में ऑक्सीजन का फ्लो कम हो जाता है जो दिल से जुड़ी गंभीर समयाएं पैदा कर सकता है जैसे हाई
ब्लडप्रेशर और हार्टअटैक ।
इसके गंभीर मामलों में आक्सीजन की आपूर्ति की कमी से मस्तिष्क् को नुकसान हो सकता है,जिसके चलते मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पडता है और दिन में अत्याधिक थकान होना,नींद आना,याददाश्त कमजोर होना,ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और चिडचिडापन हो सकता है।
ओएसए के रोगियों में सामान्य आबादी की तुलना में सड़क यातायात दुर्घटना का जोखिम भी अधिक होता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपनी आसपास की चीजों के प्रति सतर्क नहीं रह पाता। स्लीप एपनिया के कारण शरीर क इम्निुयुटी, मेटाबॉलिज्म,इंसुलिन प्रतिरोध और लिपिड असमान्य होने क संभावना अधिक हो जाती है।
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स्लीप एपनिया के बहुत कारण
स्लीप एपनिया के बहुत कारण हैं जिनमें से बढ़ता मोटापा या शरीर का अत्याधिक वजन मुख्य कारण है। मोटापा से सांस की नाली में रुकावट होती है।स्लीप एपनिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को, यहां तक के बच्चों को भी प्रभावित कर सकता है।
आइए जानते इस गंभीर बीमारी के लक्षण :
● नींद में तेज खर्राटे आना
● दिन में अत्याधिक थकान होना और नींद आना
● किसी काम में मन नहीं लगना और भूलने की आदत पड़ना
● रात में बार-बार पेशाब के लिए जाना पड़ता हो
● चिंता, अवसाद, सिर दर्द और योन रोग का होना
● हाई ब्लड प्रेशर, दिल के दौरे, पैरालिसिस, डायबिटीज
— तो पोलीसोम्नोग्राफी करने की आवश्यकता
यदि आपको इस बीमारी के लक्षण हैं, तो आपको स्लीप परीक्षण यानी पोलीसोम्नोग्राफी करने की आवश्यकता है। पोलीसोम्नोग्राफी मस्तिष्क तरंग, हृदय गति, रक्त और श्वांस का ऑक्सीजन स्तर दर्ज किया जाता है।
मूवमेंट किया जाता है रिकॉर्ड
अध्ययन के दौरान आंख और पैर का मूवमेंट भी रिकॉर्ड किया जाता है । पोलीसोम्नोग्राफी एक सुरक्षित तरीका है जिसमें मरीज़ को एक दिन रातभर नींद क जांच के लिए अस्पताल में रहना होगा। स्लीप एपनिया के उपचार में वजन कम करना और कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयर वे प्रेशर (CPAP) शामिल है, जो फेस मास्क/नाक मास्क के माध्यम से दिया जाता है। CPAP लगाने से जिन लोग को हाई ब्लडप्रेशर रहता है। उनके हाई ब्लड प्रेशर की दवा कम हो जाती है और एक्सरसाइज से वजन कम हो जाता है ।
2015 में बनी थी एम्स की यह लीप लैब
स्लीप एपनिया के परीक्षण और उपचार के लिए एम्स भोपाल में अत्याधुनिक लीप लैब 2015 में बनी थी।अभी तक इससे करीब 2000 लोगों की जांच हो चुकी है. इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें स्लीप लैब एस साकेत नगर भोपाल ।
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\डिस्क्लेमर : स्लीप एपनिया एक रोग है। रोग कोई भी अच्छा नहीं होता। योग्य चिकित्सक से ही इसका इलाज कराया जाना चाहिए। लेख में दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक है और इसे इसी आधार पर लिया जाना चाहिए।


