” जब जातक की कुंडली में गुरु नीच हो जाए तो व्यक्ति इन सब से विपरीत कर्म करने लगता है। वहीं राहु की वजह से इंसान अनैतिक कार्य, गैर कानूनी कार्य, जुआ, नशा, सट्टेबाजी की तरफ खिंचा चला जाता है।”
उज्जैन। ज्योतिष में नकारात्मक योग भी होते हैं और शुभ योग भी। सबसे बड़े नकारात्मक योगों में से एक योग ‘गुरु-चांडाल’ योग। अगर कुंडली में राहु बृहस्पति एक साथ हों तो यह योग बन जाता है। दृष्टि से यह योग बिल्कुल नहीं बनता है. 23अप्रैल को यह योग बनने जा रहा है।
जब जातक की कुंडली में गुरु नीच हो जाए तो व्यक्ति इन सब से विपरीत कर्म करने लगता है। वहीं राहु की वजह से इंसान अनैतिक कार्य, गैर कानूनी कार्य, जुआ, नशा, सट्टेबाजी की तरफ खिंचा चला जाता है।
ऐसे में अगर किसी जातक की कुंडली में गुरु चांडाल योग बनता है तो राहु गुरु के प्रभाव को खत्म कर के जातक को पूरी तरह से अपने प्रभाव में कर लेता है। ऐसे में गुरु चांडाल योग जातक को हमेशा बुरे परिणाम ही देता है।
इससे बचने के लिए उपाय भी ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं। इनका उल्लेख हम अंत में पाएंगे। पहले यह समझ लेते हैं कि यह योग बनता कैसे है।
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार,ग्रहों की चाल समय-समय पर बदलती रहती है। यह ग्रह परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। देवगुरु बृहस्पति बुद्धि, विद्या और धर्म के स्वामी है। अगर किसी जातक के कुंडली में देवगुरु नीच का हो तो स्थिति इसके विपरीत होती है।
इस वर्ष 23 अप्रैल रविवार को गुरु चांडाल योग बन रहा है। देव गुरु मेष राशि में प्रवेश करेंगे। यह इस राशि में 30 अक्टूबर तक गोचर करेगा। जिसका असर देश और दुनिया पर पड़ेगा। जिन लोगों की कुडली में यह योग है, उन्हें अगले 6 महीने तक सावधान रहना चाहिए।
जब भी कोई ग्रह गोचर करता है तो उसका सभी राशियों पर प्रभाव पड़ता है. इस गोचर से कुछ राशियों की किस्मत संवर जाती है तो कुछ लोग निराशा और दरिद्रता के भंवर में फंस जाते हैं। माना जा रहा है कि इस योग का असर वैश्विक स्तर पर भी दिख सकता है।
इस चांडाल योग के प्रभाव से कई देशों में सिविल वार छिड़ सकता है। जिससे दुनिया में महंगाई का स्तर और बढ़ जाएगा। कई जगहों पर आतंकी घटनाएं हो सकती हैं। यूरोपीय देशों को इस साल कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। भारत में भी विशेष सोच वाले लोगों का एक समूह उपद्रव की स्थिति बना सकता है, जिससे सरकार की परेशानी बढ़ेगी।
गुरु चांडाल योग से कौन सी राशि पर क्या होगा असर जानें …
मेष- इस अशुभ योग का निर्माण मेष राशि में ही रहा है तो उन्हें इससे थोड़ा ज्यादा कष्ट सहना पड़ सकता है। लोगों से बाहरी संबंध बिगड़ने की संभावना है तो सेहत का खास ध्यान रखना होगा. राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिये ये समय काफी अच्छा रहेगा।
वृषभ- इस राशि के जातकों को निवेश से जुड़ा कोई भी काम करने से बचना होगा वरना आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। धन संचय में गिरवाट होगी, पारिवारिक समस्याओं में बढ़ोतरी और सुख की कमी से जूझना पड़ सकता है।
मिथुन- मिथनु राशि के जातकों को अनावश्यक शत्रु परेशान कर हानि पहुंचा सकते हैं तो वहीं पर भाई-बहन के स्वास्थ्य की समस्या लगातार परेशान करेगी. अगर आप बिजनेस या राजनीति के क्षेत्र से जुड़े हैं तो यह समय मुश्किल भरा रहने वाला है.
कर्क- कर्क राशि के जातकों का भाग्य इस योग के दौरान कमजोर रहेगा और उन्हें धन से संबंधित परेशानियों का सामना करना होगा। शत्रु लगातार नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे । जिसके चलते अपनी वाणी पर संयम रखें। अतिरिक्त शत्रु बनाने से बचना होगा।
सिंह- सिंह राशि के जातकों के बनते काम रुक सकते हैं। इससे मानसिक तनाव बढ़ेगा। सेहत में गिरावट देखने को मिलेगी।भाइयों में विवाद की स्थिति बनने से मतभेद बढ सकते हैं।
कन्या- इस राशि के जातकों को यात्रा करते हुए सावधान रहना होगा तो वहीं पर बाहरी रिश्तों में समझदारी दिखानी होगी। परिवार में मनमुटाव अधिक होने से वाद-विवाद की ज्यादा संभावना है।
तुला- इस राशि के जातकों का बड़े भाइयों से मनमुटाव होने की संभावना बढ़ेगी। आय के साधनों में भी गिरावट आएगी। योग के चलते अनैतिक कार्यों से धन मिलने की संभावना बनी रहेगी।
वृश्चिक- इस राशि के जातक अगर राजनीति, बिजनेस या नौकरी से जुड़े हुए हैं तो उन्हें संभलना होगा। आपको इन सभी क्षेत्रों में भारी परेशानी आ सकती है।
धनु- इस राशि के जातकों के लिए पारिवारिक कष्ट बढ़ेगा भाग्य भी रूठा हुआ नजर आएगा। जिसे देखते हुए धर्म-कर्म में रूचि बढ़ेगी।
मकर- इस राशि के जातकों को उसके शुत्रु परेशान कर सकते हैं। जिसके चलते आत्म-विश्वास और साहस में कमी आएगी। ऐसे में स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बाहरी संबंधों में सावधानी बरतें।
कुंभ- इस राशि के जातकों के रोजमर्रा के कामों पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ेगा। तो वहीं पर आय में कमी महसूस होगी। अगर शेयर बाजार में सतर्कता के साथ निवेश करें। नुकसान भी उठाना पड सकता है। इसके चलते मित्रों से भी मनमुटाव बढ़ सकता है।
मीन- इस राशि के जातकों को कानूनी मामलों में हार का सामना करना पड़ सकता है। विरोधी लगातार काम में रुकावट डालेंगे। माता-पिता की सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी होगा।
राहु की वक्र दृष्टि से बचने अपनाएं ये उपाय



