Sawan Somwarसोमवार 25 जुलाई को सावन का पहला प्रदोष व्रत ; भगवान शिव की पूजन का है विशेष महत्व

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उज्जैन //Sawan Somwarसावन का दूसरा सोमवार कल यानी 25 जुलाई को है। इस दिन सावन का पहला प्रदोष व्रत भी है। दोनों ही तिथि भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बनेगा। जो जातक प्रदोष व्रत का आरंभ करना चाहते हैं। वो इस शुभ संयोग में शुरू कर सकते हैं।

मान्यता है कि इस व्रत में महादेव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही प्रदोष व्रत में नियमों का पालन करना भी जरूरी है।

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– सावन त्रयोदशी तिथि समाप्त: 26 जुलाई, शाम 06.40 मिनट तक

– पूजा के लिए शुभ मुहूर्त: 25 जुलाई, शाम 07.17 से रात 09.21 मिनट तक

नियमों का करें पालन तो मिलेगा पूजा का फल

सोम प्रदोष व्रत के दिन पूजा का फल तभी मिलता है। जब नियमों का पालन किया जाएं। ऐसे में इस दिन चावल, लाल मिर्च और नमक का सेवन न करें।

1. प्रदोष व्रत में भोलेनाथ की पूजा सायं काल में की जाती है। ऐसे में स्नान के बाद पूजन कर व्रत का संकल्प लें। फिर दूध ग्रहण करें।

2. जातक फलों का सेवन भी कर सकते हैं। वहीं दिन में एक समय ही फलाहार करें।. 3 प्रदोष काल में व्रत में हरे मूंग का सेवन करें। हरा मूंग पृथ्वी तत्व है और मंदाग्नि को शांत रखता है।

4. प्रदोष काल में शाम को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने के बाद खाना खा सकते हैं।

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