उज्जैन // पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा Ganga Dushera का पर्व मनाया जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन ही मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थी।
इस दिन गंगा स्नान करके व्यक्ति 10 तरह के पापों से मुक्ति पा सकता है। इस साल की गंगा दशहरा काफी खास है। क्योंकि इस बार गजकेसरी के साथ महालक्ष्मी योग लग रहा है।
ऐसे में गंगा स्नान करने और दान करने से दोगुना लाभ मिलेगा। जानिए गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और शुभ योगों के बारे में।
गंगा दशहरा पर बन रहा खास योग
गंगा दशहरा के दिन गजकेसरी योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कुंडली में गुरु और चंद्रमा दोनों ही एक ही जगह बैठे हो, तो गजकेसरी योग बनता है।
इस योग को काफी शुभ माना जाता है। गजकेसरी योग होने पर हाथी के समान शक्ति के साथ धन-दौलत प्राप्त होती है।
गजकेसरी के अलावा महालक्ष्मी योग बन रहा है। ये योग शुक्र और बुध की युति से बनता है।
इसके अलावा कुंडली में वृषभ राशि में सूर्य और बुध की युति हो रही हैं जिसके कारण बुधादित्य योग बन रहा है।
गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि प्रारंभ – 9 जून को सुबह 8 बजकर 21 मिनट से शुरू
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि समापन- 10 जून को शाम 7 बजकर 25 मिनट तक
हस्त नक्षत्र- 9 जून सुबह 4 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर 10 जून सुबह 4 बजकर 26 मिनट तक
व्यतिपात योग- 9 जून सुबह 3 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर 10 जून को सुबह 1 बजकर 49 मिनट तक।
गंगा स्नान का शुभ समय
शुभ चौघड़िया- सूर्योदय से लेकर 7 बजकर 7 मिनट तक
शुभ योग- सुबह 8 बजकर 23 मिनट से दोपहर 2 बजकर 5 मिनट तक
सफलता योग- सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक


