ज्ञानवापी केस चलने तक काशी विश्वनाथ ट्रस्ट ने मांगा शिवलिंग का अधिकार

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वाराणसी // ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में बुधवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। तहखानों में रखे मलबे व कमरानुमा संरचना की दीवार हटा कर सर्वे और सील किए गए वजूखाने में मौजूद मछलियों को सुरक्षित स्थानांतरित करने की मांग पर सुनवाई 18 मई को होगी। इससे पहले एडवोकेट कमिश्नर को कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अदालत ने दो दिन और समय दिया है। मंगलवार को सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर ने विशेष एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह की अपील पर सुनवाई करते हुए यह मोहलत दी। वहीं, पदीय दायित्वों को ठीक से न निभाने पर एडवोकेट कमिश्नर के पद से अजय कुमार मिश्र को हटा दिया गया। अब रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी विशेष एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह को दी गई है।

सील वजूखाना, हौज की मछली पर आज होगी सुनवाई : जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) महेंद्र प्रसाद पांडेय ने इस आशय का प्रार्थना कोर्ट को दिया कि सर्वे की कार्यवाही के दौरान विवादित स्थल और नौ जालीदार दरवाजों को सील करके चाबी कोषागार में जमा कर दी गई है।

जिस परिसर को सील किया गया है, उसके अंदर निर्मित तालाब में पानी भरा हुआ है जिसमें कुछ मछलियां हैं। परिसर सील होने के कारण मछलियों के जीवन पर संकट आ गया है। ऐसे में उन्हें स्थानांतरित करने के बाबत निर्देश दिया जाए। इसके साथ ही सील किए गए क्षेत्र में चारों तरफ पाइप लाइन व नल लगा है।

इसका उपयोग नमाजी वजू करने के लिए करते हैं। पाइपलाइन को सील क्षेत्र से अलग करना जरूरी है। यहां मौजूद शौचालय में प्रवेश के लिए कोई अन्य रास्ता नहीं है। इन बिदुओं पर एडवोकेट कमिश्नर की रिपोर्ट प्राप्त करके आदेश जारी किया जाए। अदालत ने इस प्रार्थना पत्र पर भी सुनवाई के लिए 18 मई की तारीख तय की है।

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