स्वराशि में पहुंचे शनि ,जानें किस राशि पर क्या होगा असर

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उज्जैन // ज्‍योतिष के लिहाज से अप्रैल का महीना काफी उतार-चढ़ाव वाला साबित हुआ है और अभी तक 9 में से 8 ग्रह अपना स्‍थान परिवर्तन कर चुके हैं। अब बारी है न्‍याय के देवता माने जाने वाले शनिदेव की। 30 साल बाद शनिदेव अपनी स्‍वराशि कुंभ में पहुंचें हैं । इस बदलाव से सभी राशियां प्रभावित होंगी। कुछ राशियों की साढ़ेसाती और ढैय्या समाप्‍त होगी, कुछ राशियों की साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू होगी और साथ ही कुछ राशियों की साढ़ेसाती और ढैय्या अपने अगले चरण में प्रवेश करेगी। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कौन सी राशियां शनि के इस परिवर्तन से सर्वाधिक प्रभावित होंगी।

किन राशियों पर साढ़ेसाती

धनु राशि : शनि के राशि परिवर्तन के धनु राशि के लोगों की साढ़ेसाती समाप्‍त हो जाएगी। इसके प्रभाव से धनु राशि के जातकों को घर में समस्‍याओं का अंबार लग सकता है तो वहीं खर्च भी काफी बढ़ सकता है। राहत की बात यह है कि अत्‍यधिक संघर्ष के बाद आपको बीच में धन लाभ हो जाएगा।

मकर राशि : शनि के कुंभ राशि में जाने से मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण आरंभ होगा। आपकी राशि के लोगों को इस वक्‍त मानसिक चिंताओं का अधिक सामना करना पड़ सकता है तो वहीं व्‍यावसायिक परेशानियों के साथ घर के बुजुर्गों की बीमारी पर काफी खर्च हो सकता है। आपके घर में कलह बढ़ सकती है।

कुंभ राशि : कुंभ राशि के लोगों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण आरंभ होगा। दूसरे चरण के आरंभ होने पर आपको व्‍यर्थ की भागदौड़ अधिक करनी पड़ सकती है तो वहीं आर्थिक रूप से कमजोर भी पड़ सकते हैं। आपको इस वक्‍त दूसरों की वजह से मानसिक तनाव भी अधिक प्राप्‍त होगा।

मीन राशि : शनि के राशि परिवर्तन से मीन राशि के लोगों की साढ़ेसाती आरंभ हो जाएगी। यह साढ़ेसाती का पहला चरण होगा। साढ़ेसाती के पहले चरण में आपके कार्य व्‍यवसाय में आय कम होगी और खर्च अधिक होंगे। हालांकि आपकी राशि के लोगों के लिए आकस्मिक धन लाभ के भी योग बन रहे हैं।

किन राशियों पर ढैय्या

शनि के स्‍वराशि में आने पर मिथुन और तुला राशि के जातकों की ढैय्या समाप्‍त हो जाएगी और कर्क व वृश्चिक राशि के लोगों की ढैय्या आरंभ होगी। शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए कुछ उपाय हम आपको बता रहे हैं।

उपाय

रोजाना सुबह स्‍नान के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें।
हर शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे काले तिल मिलाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
हर शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान चालीसा करें।
हर शनिवार को शनि की कम से कम एक प्रिय वस्‍तु का दान करें। आप सरसों का तेल, काले तिल, काला छाता, काला जूता या फिर लोहे कोई वस्‍तु दान कर सकते हैं।

 

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