उज्जैन // वास्तु शास्त्र में दिशाओं का काफी ज्यादा महत्व होता है। मान्यता है कि घर का वास्तु अगर सही हो तो इंसान के जीवन में खुशियां बनी रहती हैं। वास्तु के अनुसार, दिशाओं को ध्यान में रखकर भवन निर्माण कराया जाए तो व्यक्ति को भाग्य का साथ मिलता है, सभी कार्य सफल होते हैं और घर में बरकत भी आती है।
वहीं गलत वास्तु का इंसान की रोजाना की दिनचर्या पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वास्तु शास्त्र में सिर्फ घर की सही दिशा या वस्तुओं के बारे में ही नहीं बताया गया है, बल्कि हमारे सोने और खाने की दिशा के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। वास्तु के अनुसार, सोते समय भी सही दिशा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
वरना नींद से जुड़ी परेशानियां होने के साथ ही जीवन में नकारात्मकता बढ़ सकती है। रात में सोते समय आपका सिर किस दिशा में है, इसका असर आपके जीवन और तरक्की में भी पड़ता है। इसलिए अपने सोने की दिशा को लेकर बहुत सजग रहना जरूरी है।
बहुत से लोगों को सोने का सही तरीका और दिशा का ज्ञान नहीं होता है, जिसकी वजह वे कहीं भी सिर पैर करके सो जाते हैं। वास्तु के अनुसार इससे मानसिक तनाव और जीवन में दिक्कतें बढ़ सकती हैं। ऐसे में आइए आज जानते हैं वास्तु के अनुसार सोने की सही दिशा और तरीका…
सोते समय इन बातों का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कभी भी उत्तर दिशा की ओर सिर और दक्षिण दिशा की ओर पैर करके नहीं सोना चाहिए। इससे नींद अच्छे से नहीं आती है और ये स्थिति सिर दर्द, मानसिक बीमारियों का कारण बन सकती है। इसके अलावा कहा जाता है कि दक्षिण दिशा में पैर करके सोने से आयु कम होती है।
वहीं दक्षिण दिशा की ओर सिर और उत्तर दिशा की ओर पैर करके सोना सबसे शुभ माना जाता है। सोने के लिए ये दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है। ऐसा करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है और उसकी आयु भी बढ़ती है।
बढ़ती है याददाश्त, एकाग्रता
इसके अलावा पूर्व दिशा में सिर करके सोने से व्यक्ति की याददाश्त, एकाग्रता बढ़ती है। जो लोग पूर्व दिशा में सिर करके सोते हैं उनका स्वास्थ्य बेहतर होता है। मान्यता है कि विद्यार्थियों और ऐसे लोग जिनका झुकाव अध्यात्म की ओर है, उन्हें पूर्व में सिर करके सोना चाहिए।
साथ ही पश्चिम दिशा में सिर करके सोना सही माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ये दिशा जल के देवता वरुण की दिशा है। इस दिशा में सिर करके सोने से व्यक्ति को प्रसिद्धि, मिलती है और उसका सम्मान बढ़ता है।


