उज्जैन। वर्ष में 12 महीने व 365 दिन होते हैं, लेकिन इस बार नया हिंदू वर्ष 12 नहीं बल्कि 13 माह का होगा। यह संयोग क्यों बन रहा है। क्या है ज्योतिष शास्त्र का गणित जो नए संवत्सर में एक माह की अधिक गणना बता रहा है। जानते हैं कैसे बनेगा,यह अदभुत योग।
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दरअसल,चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। इस वर्ष नव संवत्सर 2080 22 मार्च, बुधवार से शुरू होगा। इस दिन से चैत्र नवरात्रि भी शुरू होगी। नया साल धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है।
इस वर्ष 12 की जगह 13 महीने होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर तीन साल में एक महीना अतिरिक्त जुड़ता है। जिसे अधिक मास के नाम से जाना जाता है।हिंदू नववर्ष 2023 अधिक मास
नव संवत्सर 2080, 22 मार्च से शुरू होगा।
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इस साल अधिक मास 18 जुलाई 2023 से आरंभ होगा। वहीं, समापन 16 अगस्त के दिन होगा। अधिक मास में भगवान विष्णु की पूजा का महत्व है। इस बार श्रावण मास दो महीने चलेगा। ऐसे में शिव भक्तों को भोलेनाथ की आराधना के लिए ज्यादा समय मिलेगा।
बता दें कि सूर्य वर्ष 365 दिन और चंद्र वर्ष 354 दिन का होता है। दोनों में 11 दिन का अंतर है। सूर्य मास संक्रांति से संक्रांति तक रहता है, जबकि चंद्रमास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक रहता है। इस वर्ष चंद्रमास रहेगा। जिसे मलमास के नाम से जाना जाता है।
मलमास के नियम
मलमास में धार्मिक कार्यों पर रोक लग जाती है। इस अवधि में शादी, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। साथ ही नए भवन का निर्माण शुरू नहीं करने की सलाह दी जाती है। साथ ही अधिक मास में निवेश नहीं करना चाहिए।
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