उज्जैन // ज्योतिष में सभी 9 ग्रह एक निश्चित अंतराल पर एक से दूसरी राशि में अपना स्थान बदलते रहते हैं। ग्रहों के राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों के जातकों के जीवन पर जरूर पड़ता है। ज्योतिषशास्त्र में शुक्र ग्रह सुख,सुविधा और ऐशोआराम के कारक ग्रह माने गए हैं।
बीते महीने शुक्र ग्रह का राशि परिवर्तन गुरु की राशि में मीन में हुआ है। 23 मई तक शुक्र ग्रह मीन राशि में रहेंगे। इसी के साथ शुक्र और गुरु ग्रह मीन राशि में युति भी बन हुई है। शुक्र के मीन राशि में होने से कुछ राशि के जातकों का विशेष लाभ मिलेगा। जीवन में सुख-सुविधा और ऐशोआराम के पल प्राप्त होंगे।
मेष राशि
राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहे शुक्र आपके लिए सुखद अनुभूति प्रदान करेंगे। इस राशि पर गोचर और इस भाव पर गोचर करते हुए शुक्र हमेशा शुभ फल ही प्रदान करते हैं। विलासितापूर्ण वस्तुओं के खरीदने तथा घूमने-फिरने पर अधिक खर्च होगा। मकान अथवा वाहन का विक्रय करना चाह रहे हो तो ग्रह गोचर अनुकूल रहेगा।
मिथुन राशि
राशि से दशम कर्म भाव में गोचर करते हुए शुक्र और बृहस्पति की युति आपके जीवन में किसी बड़ी सफलता की ओर संकेत कर रही है इसलिए केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतिक्षित कार्य संपन्न करने के लिए और प्रयास करें। नौकरी में पदोन्नति तथा मान-सम्मान की वृद्धि होगी। सामाजिक दायित्व तथा पद प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। जमीन जायदाद से जुड़े मामले हल होंगे। मकान अथवा वाहन का भी क्रय करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा।
कन्या राशि
राशि से सप्तम दांपत्य भाव में गोचर करते हुए शुक्र हर तरह से लाभ के नए अवसर प्रदान करेंगे। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा। विवाह से संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी। ससुराल पक्ष से सहयोग के योग है। प्रेम संबंधी मामलों में और प्रगाढ़ता आएगी। प्रेम विवाह भी करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा।
धनु राशि
राशि से चतुर्थ सुख भाव में गोचर करते हुए शुक्र बेहतरीन सफलता दिलाएंगे। किसी भी तरह की कार्य योजना को क्रियान्वित करने के लिए पूरी मेहनत से लग जाएं। सफलता की संभावना सर्वाधिक रहेगी। नौकरी में पदोन्नति तथा स्थान परिवर्तन के भी योग। मकान अथवा वाहन का क्रय करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह अनुकूल रहेंगे।
मीन राशि
आपकी राशि में गोचर करते हुए शुक्र मालव्य योग का निर्माण करेंगे साथ ही बृहस्पति के साथ इनकी युति कठिन परिस्थितियों से लड़ने में सहायक सिद्ध होगी। सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा।


