मप्र : फर्जी एडवायजरी कंपनी के नाम पर युवती ने की करोड़ों की ठगी

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इंदौर. फर्जी एडवायजरी कंपनी की डायरेक्टर पूजा थापा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. पुलिस उसकी तलाश में कई दिन से लगातार छापा मार रही थी. आरोप है पूजा की कंपनी अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुकी है. ठगी के इस केस में पुलिस अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.

इंदौर की राऊ थाना पुलिस ने इस गैंग का भांडाफोड़ किया था. ये गैंग शेयर मार्केट में मुनाफे के टिप्स देने के नाम पर लोगों को ठग रहा था. इस कम्पनी पर अनुमानित करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप है. पुलिस ने सेना के एक सिपाही की शिकायत के बाद केस दर्ज किया था. पुलिस ने छानबीन के बाद 13 लोगों को गिरफ्तार किया और आरोपियों के कब्जे से 13 लाख नगद, 25 महंगे मोबाइल, दस लैपटाप, दो गाड़ियां, प्लॉट, फ्लैट्स, ज्वेलरी, इम्पोर्टेड घड़ियां, 50 से ज्यादा क्रेडिट और डेबिट कार्ड जब्त किए थे. इनके खातों से लगभग पांच करोड़ का ट्रांजेक्शन होने की पुष्टि हुई है.
पुलिस के हाथ नहीं लगी
पुलिस ने जब छानबीन की तो पता चला कि इस कंपनी की सरगना पूजा थापा है. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर छापा मारा लेकिन कोई सुराग नहीं लगा. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर पहले पांच फिर दस हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया. पुलिस के बढ़ते दबाब के बाद बुधवार सुबह कोर्ट खुलते ही पूजा थापा ने अदालत के सामने आत्म समर्पण कर दिया. उसके बाद पुलिस ने औपचारिक गिरफ्तारी के बाद मामले में विस्तृत छानबीन शुरू कर दी है.
ठगी की लंबी चेन
पूजा थापा, पवन तिवारी और उनके कुछ साथी पहले एक साथ एडवाइजरी कंपनी में काम करते थे. पुलिस ने उसे बंद करवा दिया था. उसके बाद पूजा ने सभी साथियों को इकट्‌ठा किया और फिर खुद की कंपनी बना ली. उसने कंपनी की आड़ में आधा दर्जन खाते खुलवाए और लोगों से धोखाधड़ी कर उसमें रुपए ट्रांसफर करने लगी. गिरोह फर्जी सिम का बंदोबस्त करता था और किराये पर बैंक खातों का बंदोबस्त करता था. इन्ही खातों में राशि ट्रांसफर करवाई जाती थी. खाते में आयी हुई राशि का कुछ प्रतिशत कमीशन खाता धारक को चुकाकर मोटी रकम खुद कम्पनी संचालक रख लेते थे.

अच्छी पैकेज का झांसा
पूजा अपने गिरोह के साथ मिलकर अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुकी है. उससे करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए गए हैं. पुलिस ने लाखों रुपये नगद के साथ साथ, सम्पत्ति के दस्तावेज और लग्जरी गाड़िया भी जब्त की हैं. आरोपी एक कम्पनी बनाते थे और उसमें नौकरी पर युवक युवतियों को रखते थे. वह शेयर मार्केट में निवेश के बाद मुनाफे की अच्छी रकम दिलाने का भरोसा दिलाते थे.

पुलिस दबाव में सरेंडर
पुलिस की लगातार दबिश से डरकर पूजा थापा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. पुलिस ने न्यायालय से उसे रिमांड पर लेकर अब पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस के लिए भी यह प्रकरण चुनौती भरा है. पुलिस के पास महज एक ही फरियादी है, जिसने करीब तीन लाख रूपये ठगी की शिकायत की थी. जबकि पुलिस अब तक करोड़ों रूपये ठगी का दावा कर रही है. पुलिस के पास अब तक कोई दूसरे फरियादी नहीं पहुंचे हैं.

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