Peepal tree,हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि इस वृक्ष में देवी-देवता वास करते हैं। इसलिए इस वृक्ष की पूजन worship का महत्व बताया गया है,लेकिन यह पौधा घर में उगना अशुभ माना गया है।
अधिकांशत: यह स्वत: ही दीवार,कंगूरे या फिर मकान के किसी ऐसे हिस्से में उग आता हैं,जहां पक्षियों की आवक-जावक बनी होती है। कई बार तो ऐसा होता कि इसे आप घर की दीवार से जितनी भी बार हटाएंगे।
वह किसी न किसी तरह दोबारा जरूर निकल आएगा। अधिकतर लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है कि घर की छत, दीवार Wall आदि में पेड़ निकल आता है। इसे आप चाहे जितनी बार उखाड़ कर फेंके ये बार-बार निकल आता है।
धार्मिक मान्यता अनुसार,पीपल के पौधे को उखाड़ने या वृक्ष की कांट -छांट करना वर्जित है। इससे दोष लगता है। दूसरी वजह यह भी कि पीपल ऑक्सीजन व शीतलता प्रदान करता है। वहीं,वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में पीपल का पेड़ Peepal tree निकलना अशुभ Inauspicious माना जाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष बढ़ जाता है। एक और धार्मिक मान्यता तो दूसरी ओर वास्तु दोष का खतरा तो कैसे निपटे इस समस्या से,आइए जानते हैं..
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पीपल का पेड़ दीवार पर निकलने से घर में रह रहे सदस्यों की तरक्की पर बुरा असर पड़ता है। इसके साथ ही आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि पीपल के पेड़ को ठीक ढंग हटाया जाए। पीपल के पौधे या वृक्ष को घर की दीवार से हटाने का भी एक नियम है। हिंदू शास्त्र के अनुसार, रविवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा,परिक्रमा करना आदि वर्जित है। इसलिए रविवार के दिन ही इसे हटाना चाहिए। इससे किसी भी तरह का दोष नहीं लगता है।
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मट्ठा नहीं,नींबू का रस निचोड़ दें
घर की दीवार से पीपल के वृक्ष को हटाने के लिए नींबू और मिर्च का ये उपाय अपना सकते हैं। रविवार के दिन पीपल के पेड़ को हटाने के करीब 3 घंटे पहले वृक्ष के नीचे एक नींबू, सात मिर्च रख दें। तय समय के बाद दीवार से पीपल को उखाड़ लीजिए। इसके बाद यहां पर नींबू को काट दीजिए और पीपल को किसी दूसरी जगह पर लगा दें। ऐसा करने से संबंधित स्थान पर दोबारा कभी भी पीपल का पौधा नहीं निकलेगा।
शनिवार को न रोपें यह पौधा
उखाड़े गए पौधे को सोमवार से लेकर शुक्रवार तक अन्यत्र लगा सकते हैं। शनिवार को पीपल का पौधा किसी दूसरी जगह नहीं लगाना चाहिए। माना जाता है कि शनिवार को पीपल में मां लक्ष्मी वास करती है और कोई भी उन्हें अन्यत्र नहीं भेजना चाहेगा। शनिवार व अमावस्या को पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करने का भी विशेष महत्व है।
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