उज्जैन। आज अक्षय तृतीया है। साथ ही भगवान परशुराम की जयंती एवं इस्लाम धर्मावलंबियों की ईद भी। एक ही दिन में तीन पर्वों के इस संगम से आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत खास है। अपने सत्कर्मों में बढोत्तरी का अक्षय तृतीया एक पुनीत अवसर है।
इसका लाभ हम कुछ सरल उपाय अपनाकर किया जा सकता है।इन उपायों को करने के लिए पूरा दिन शुभ है। ये उपाय दिन के किसी भी पहर में किए जा सकते हैं।अक्षय तृतीया के दिन कुछ धार्मिक उपाय करने से आपके जीवन में सुख-शांति का वास होता है।
अक्षय तृतीया का अर्थ ही है..’न क्षयः इति अक्षयः’। अर्थात जिसका कभी क्षय नहीं होता वही अक्षय है। शास्त्रों में उल्लेख है कि अक्षय तृतीया सभी पापों का नाश करने वाली और सभी सुखों को प्रदान करने वाली तिथि है। इस दिन किया गया दान-पुण्य और सत्कर्म अक्षय रहता है अर्थात कभी नष्ट नहीं होता। आइए जानते हैं। इस अक्षय तृतीया पर कौन से करें उपाय।
धन प्राप्ति के लिए
धन की प्राप्ति के लिए इस दिन अपने पूजा स्थल की सफाई करके भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की विधि-विधान पूर्वक पूजा करें। साथ ही, मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें अक्षय तृतीया के दिन उन्हें कमल या गुलाब फूल अर्पित करें,एवं खीर का भोग लगाएं। ऐसा करने से जीवन में धन एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है।
आर्थिक संकट दूर करने के लिए श्री हरि यानी भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन सफेद सूती वस्त्र पहनकर पीपल के वृक्ष की 108 परिक्रमा करते हुए जल अर्पित करें। जल अर्पण के दौरान ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
परिक्रमा पूर्ण होने के बाद पेड़ के तने पर अष्टगंध-चंदन से स्वस्तिक बनाएं और ‘श्रीं” लिखें। इसके बाद पेड़ के पांच साफ-सुथरे, बिना कटे-फटे पत्ते लेकर उन पर अष्टगंध से श्रीं लिखें और इन्हें अपने घर ले आएं। इन पत्तों को घर में अपने पूजा स्थान में रखे रहें .अगले दिन प्रात:काल इन्हें जल में विसर्जित कर दें। इससे आर्थिक कार्यों में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं. पैसों की आवक बढ़ती है।
—हो सके तो खरीदें सोना
सोने के दाम फिलहाल बहुत तेज हैं। संभव हो सके तो आज के दिन इसे खरीदने का प्रयास करना चाहिए। मान्यता है कि सोने में लक्ष्मीजी का वास होता है.अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने से इसका क्षय कभी नहीं होता है तथा यह पीढ़ियों तक बढ़ता है। यदि आप इस दिन सोना खरीद रहे हैं तो इसे घर की उत्तर दिशा में रखें। ऐसा करने से आपके तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे।
सौभाग्य में वृद्धि के लिए
इस दिन घर की सुख-समृद्धि एवं परिवार के सदस्यों के सौभाग्य में वृद्धि के लिए घर के मुख्य द्वार पर आम या अशोक के ताज़े पत्तों की बंधनवार बांधना शुभ माना गया है। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रवेश होगा। यह बंधन दिन के किसी भी पहर या शाम को भी बांधे जा सकते हैं।
वृक्षारोपण करने से मिलता है पुण्य
शास्त्रों के अनुसार इस दिन पौधरोपण का भी विशेष महत्व है। पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेने वाले और पीपल,आम, पाकड़,गूलर,बरगद,आंवला,बेल,जामुन,नीम व अन्य फलदार वृक्ष लगाने से प्राणी को सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं। जिस प्रकार अक्षय तृतीया को लगाए गए वृक्ष हरे-भरे होकर पल्लवित-पुष्पित होते हैं।
उसी प्रकार इस दिन वृक्षारोपण करने वाला व्यक्ति भी प्रगति पथ की ओर अग्रसर होकर अनंत पुण्यों का भागी हो जाता है। मान्यता है कि इस दिन पौधारोपण करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है। पौधे लगाकर छाया करने वाले प्राणी को सभी क्लेशों से छुटकारा मिलता है एवं उसके ऊपर सदैव ईश्वर का आशीर्वाद रहता है।
दान से दूर होंगे कष्ट
मान्यता है कि आज के दिन सत्तू जरूर खाना चाहिए।दरअसल,अक्षय तृतीया वसंत ऋतु के समापन और ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत का दिन भी है।इसलिए आज के दिन पक्षियों के लिए जल से भरे सकोरे,पंखे,पादुका,चटाई,छाता,चावल,नमक,घी,खरबूजा,ककडी,मिश्री व सत्तू आदि दान महापुण्यकारी माना गया है।
..तो अपनाएं यह उपाय
यदि उक्त उपायों को करने के लिए आपके पास समय की कमी या परिस्थितियां प्रतिकूल है। तब आप माता लक्ष्मी एवं भगवान विष्णु का मानसिक ध्यान कर अपने कल्याण की कामना करें। ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इस उपाय से भी पुण्य फलों की प्राप्ति संभव है।आज के दिन क्लेश से बचें।


